8 अप्रैल 2015 - 08:02
परमाणु वार्ता में इस्राईल को मान्यता देने की शर्त हास्यपद।

बराक ओबामा ने सोमवार को अमेरिकी रेडियो एन पी आर से इंटरव्यू में कहा है कि अंतिम परमाणु समझौते को इस्राईल के स्वीकार करने जैसी शर्त लगाना इसी तरह है जैसे मान लिया जाये कि ईरान की सरकार, पूरी तरह से बदल जाये। उन्होंने कहा कि यह मुख्य गलती और गलत सोच है

अबनाः रिपोर्ट के अनुसार बराक ओबामा ने सोमवार को अमेरिकी रेडियो एन पी आर से इंटरव्यू में कहा है कि अंतिम परमाणु समझौते को इस्राईल के स्वीकार करने जैसी शर्त लगाना इसी तरह है जैसे मान लिया जाये कि ईरान की सरकार, पूरी तरह से बदल जाये। उन्होंने कहा कि यह मुख्य गलती और गलत सोच है। गौरतलब है कि इस्राईल, ईरान और गुट 5+1 के बीच व्यापक परमाणु समझौते के विरोधी है। ज़ायोनी प्रधानमंत्री बेंजामिन नियतेन याहू ने कहा है कि वह ईरान के साथ व्यापक परमाणु समझौते के रास्ते में बाधाएं ईजाद करते रहेंगे। इस्राईली प्रधानमंत्री के प्रयासों के विपरीत अमेरिकी राष्ट्रपति चाहते हैं कि ईरान के साथ परमाणु समझौता हो जाये।
दूसरी ओर अमेरिकी विश्लेक्षक मार्क गुलन ने कहा है कि इस्राईल में, ईरान और गुट 5+1 के परमाणु वार्ता को नुकसान पहुंचाने की क्षमता नहीं है। उन्होंने प्रेस टीवी से बातचीत में कहा है कि ईरान और गुट 5+1 के संयुक्त लोज़ान बयान पर ज़ायोनी प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सिनेट में इंटेलिजेंस समिति के डेमोक्रेट सदस्य, डियान फ़ाइन इश्टाईन ने नियतेन याहू को चेतावनी दी है कि वह ईरान और गुट 5+1 की वार्ता में बाधाएं खड़ी करने से दूर रहें।